चंडीगढ़ः कैप्टन अमरिंदर सिंह (Amarinder Singh) ने इस्तीफा देने के बाद कहा कि कांग्रेस जिसे मर्जी उसे मुख्यमंत्री बनाए. उन्होंने राज्यपाल को अपना इस्तीफा (Captain Amarinder Singh Resign) सौंपने के बाद कहा कि पार्टी के भीतर मेरा अपमान हो रहा था. अमरिंदर ने कहा कि पार्टी को मेरे ऊपर शंका क्यों थी, मैं ये नहीं समझ पा रहा था. कैप्टन ने अपने इस्तीफे के बाद अपना दर्द भी बयां किया. उन्होंने कहा कि ऐसा लग रहा था कि मेरे ऊपर पार्टी को भरोसा नहीं था. उन्होंने कहा, ‘मैंने सुबह में ही फैसला ले लिया था कि सीएम का पद छोड़ दूंगा. पार्टी को जिसपर भरोसा हो उसे पार्टी सीएम बना दे.’


‘मैंने इसके बाद फैसला किया कि सीएम पद छोड़ दूंगा. जिनपर उनको भरोसा है वो बना दें सीएम. भविष्य की राजनीति के बारे में जब समय आएगा तो उसपर फैसला करूंगा. जो मेरे समर्थक हैं उनसे बात करूंगा इसके बाद आगे का फैसला करूंगा. अभी कांग्रेस पार्टी में हूं. साथियों से बात करके भविष्य की राजनीति के बारे में तय करेंगे.’

बता दें, कैप्टन अमरिंदर सिंह के बेटे ने इस बात की पुष्टी की थी कि वह मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने वाले हैं. कांग्रेस की ओर से विधायकों की बैठक भी बुलाई गई है. इस बैठक में सभी विधायकों को शामिल होने के लिए कहा गया है.
बता दें, कैप्टन अमरिंदर सिंह के बेटे ने इस बात की पुष्टी की थी कि वह मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने वाले हैं. कांग्रेस की ओर से विधायकों की बैठक भी बुलाई गई है. इस बैठक में सभी विधायकों को शामिल होने के लिए कहा गया है. दरअसल, पंजाब कांग्रेस में मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह और नवजोत सिंह सिद्धू के बीच लंबे समय से चल रहा घमासान तेज होता जा रहा था. जिसे निपटाने के लिए खुद कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने मामला अपने हाथ में ले लिया था.


अब कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन पर चर्चा शुरू हो गई है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नेतृत्व परिवर्तन में तीन नेताओं का नाम आगे है. जिनमें पंजाब कांग्रेस के पूर्व प्रमुख सुनील जाखड़, बेअंत सिंह के पोते और सांसद रवनीत सिंह बिट्टू और प्रताप सिंह बाजवा के नाम शामिल हैं.